undefined__MyMirror Publishing House Pvt. Ltd.

Rajendra Chola Ka Prakop Hindi Book

₹390

₹399

2% Off
View Available Offers

Final Price inclusive of all taxes

variant

Regular Book

Product Description

1001 ईस्वी। महमूद गज़नवी पूरब की ओर बढ़ता है। 1025 ईस्वी। राजेंद्र चोल सोमनाथ विध्वंस का समाचार सुनता है। और इतिहास की दिशा बदलने वाली है एक निर्णायक टकराह।

यह वह युद्ध है जो कभी नहीं हुआ — पर जिसके पास इतिहास को बदल देने की शक्ति थी।

इस उपन्यास में:

महमूद गज़नवी का भारतवर्ष पर क्रूर आक्रमण और नरसंहार
राजेंद्र चोल का आक्रोश और सीधी टकराह का निर्णय
एक अज्ञात लिपि में अंकित प्राचीन ग्रंथ और उसके रहस्य
एक घातक योद्धा, एक आक्रोशित पुत्र और एक अनसुलझी नियति
धर्म और अधर्म के बीच वह युद्ध जो होना चाहिए था
क्या राजेंद्र चोल का यह एक निर्णय आने वाले ग़ौरी, खिलज़ी, बाबरों को रोक पाएगा? पढ़िए और खुद तय करिए।
logo__MyMirror Publishing House Pvt. Ltd.

MyMirror Publishing House Pvt. Ltd.

MyMirror Publishing House We Believe Books Are More than Pages and Words — They Are Gateways to Imagination, Knowledge, and Endless Discovery.

CONTACT US