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वैद्यक-विज्ञान आज इतना आगे बढ़ चुका है, फिर भी आधुनिक इंसान स्वस्थ क्यों नहीं है? पहले के लोग जितने तंदुरुस्त होते थे, वैसे आज क्यों नहीं है?
इसका कारण यह है कि आज जो चिकित्सा पद्धतियाँ प्रचलित हैं, वे दुर्भाग्यवश बीमारी की मूल जड़ पर ध्यान नहीं देतीं- केवल ऊपर-ऊपर दिखने वाले लक्षणों का इलाज किया जाता है। असल में, कोई भी रोग तब पैदा होता है जब हमारी कोशिकाओं में उपयोगी ऊर्जा घट जाती है और हानिकारक ऊर्जा बढ़ जाती है। जब तक इस मूल समस्या को समझा और ठीक नहीं किया जाता, तब तक हमारे स्वास्थ्य में वास्तविक सुधार आना कठिन है।
इसी विषय पर लेखिका ने गहराई से शोध किया है। आधुनिक स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान उन्होंने खोजा और उसे पुस्तक के रूप में हमारे सामने रखा है। उन्होंने कोशिका-विज्ञान का अध्ययन करते हुए "गुड एनर्जी यानी उपयोगी ऊर्जा" की अवधारणा पेश की है। जब हमारी कोशिकाओं का कार्य बेहतर हो जाता है, उनकी गड़बड़ियाँ ठीक हो जाती हैं, तब हमारा शरीर और मन-दोनों स्वस्थ रहने लगते हैं। यह कैसे संभव होता है, यही बात इस पुस्तक में विस्तार से बताई गई है।
इस पुस्तक में आप पढ़ेंगे:
गुड एनर्जी क्या है और इसे कैसे बनाए रखें ?
मधुमेह, मोटापा, हृदयरोग, संधिवात... जैसे अनेक रोगों की जानकारी और उनके समाधान
स्वास्थ्य क्षेत्र में कई व्यवसाय (दवा कंपनियाँ, फूड प्रॉडक्ट कंपनियाँ, डॉक्टर) कैसे भ्रम फैलाते हैं
अपने मेडिकल रिपोर्ट (लिपिड प्रोफाइल, शुगर रिपोर्ट आदि) कैसे समझें
गुड एनर्जी बढ़ाने वाला आहार
नींद, जैविक घड़ी और चयापचय (metabolism) के बीच महत्वपूर्ण संबंध
बेहतर स्वास्थ्य के लिए रोजमर्रा के जीवन में चलते-फिरते आसानी से किए जा सकने वाले सरल व्यायाम