Product Description
हवाई जहाज हाइजैक होने की घटना कभी कभार होती है। हम में से हर कोई रोज इमोशनली हाइजैक होता है, वह भी कई बार। खास बात यह है, कि जो इमोशनल हाइजैक होता है उसे पता भी नहीं चलता कि वह इमोशनली हाइजैक हुआ है। ऐसे समय में हम जो निर्णय लेते है, प्रतिक्रिया करते है या संवाद करते है वह वास्तव में हमारा नहीं होता है। वह तो हमारी भावनाओं द्वारा हम पर नियंत्रण पाने के कारण, इमोशनली हाइजैक होने के कारण होता है। यह किताब बताती है... * इमोशनल हाइजैक होना मतलब क्या? * हम हाइजैक क्यों होते हैं? * इमोशन्स पर नियंत्रण कैसे पाएं? * भावनाओं के प्रकार * भावनाएं हाइजैक होने पर या न होने पर कैसा प्रतिसाद दें, कैसी प्रतिक्रिया दें। * भावनाओं पर नियंत्रण रखकर उसका सही उपयोग कैसे करे? * इमोशनल इंटेलिजेन्स कैसे बढ़ाएं?